कोलाइड प्रेटिनकोल (Collared Pratincole), जिसे वैज्ञानिक रूप से Glareola pratincola के नाम से जाना जाता है, पक्षी जगत का एक अत्यंत आकर्षक और अनूठा सदस्य है। यह मुख्य रूप से 'वीडर्स' (Waders) या जलपक्षियों की श्रेणी में आता है, लेकिन इसका व्यवहार इसे अन्य जलपक्षियों से बिल्कुल अलग बनाता है। ये पक्षी अपने तेज उड़ने के कौशल और हवा में कीड़ों का शिकार करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। इनका शरीर सुगठित होता है और इनकी उड़ान शैली काफी हद तक टर्न (Terns) या निगलने वाले पक्षियों (Swallows) जैसी होती है। कोलाइड प्रेटिनकोल मुख्य रूप से अफ्रीका, यूरोप और एशिया के गर्म क्षेत्रों में पाए जाते हैं। भारत में भी इन्हें कुछ विशिष्ट आर्द्रभूमि क्षेत्रों में देखा जा सकता है। ये पक्षी न केवल अपनी सुंदरता के लिए बल्कि अपने जटिल व्यवहार और प्रवासी स्वभाव के लिए भी पक्षी विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। इनके बारे में विस्तार से जानने से हमें पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने में मदद मिलती है।