pallass fish eagle

Haliaeetus leucoryphus
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Pallass Fish Eagle की बुनियादी जानकारी

Pallass Fish Eagle की बुनियादी जानकारी

Scientific NameHaliaeetus leucoryphus
Status EN संकटग्रस्त
Size76-84 cm (30-33 inch)
Colors
Black
Brown
TypeBirds of Prey

स्थानीय भाषाओं में नाम

assamese: কুৰুৱা
bengali: কুড়া
french: Pygargue de Pallas
gujarati: મત્સ્ય ગરુડ, પલાસનો માછીમાર
hindi: मछीमार चील, सुलेमानी ईगल
kannada: ಪಲ್ಲಾ ಮೀನು ಗರುಡ, ಬೂದುತಲೆಯ ಮೀನು ಗರುಡ
malayalam: പല്ലാസ് കടൽപ്പരുന്ത്, മീൻപരുന്ത്
marathi: मत्स्यगरुड
nepali: बोक्सी चील
oriya: କୁରାଳ, ମାଛରଙ୍କା ଇଗଲ
portuguese: Águia-pescadora-de-pallas, Águia-de-pallas
punjabi: ਮੱਛੀ ਮਾਰ ਬਾਜ਼, ਦਰਿਆਈ ਬਾਜ਼
sanskrit: कोकणद, चक्रवाक
spanish: Pigargo de Pallas, Pigargo de Pallás
tamil: பலாசு மீன் கழுகு, பல்லாசு மீன் கழுகு
telugu: కొలను గరుడ, మత్స్య గరుడ

परिचय

परिचय

पालस फिश ईगल (Haliaeetus leucoryphus) मध्य और दक्षिण एशिया के आर्द्रभूमि (wetlands) में पाया जाने वाला एक राजसी लेकिन दुर्लभ शिकारी पक्षी है। यह एक विशाल, भूरे रंग का समुद्री बाज है जो अपनी विशिष्ट बनावट और प्रभावशाली उपस्थिति के लिए जाना जाता है। कजाकिस्तान से लेकर हिमालय और भारत तक फैले इसके क्षेत्र अब सीमित हो रहे हैं, जिससे यह पक्षी प्रेमियों और संरक्षणवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।

शारीरिक बनावट

शारीरिक बनावट

इस प्रभावशाली बाज की लंबाई 76 से 84 सेमी के बीच होती है। वयस्कों की पहचान उनके सफेद चेहरे के ऊपर बने हल्के भूरे रंग के हुड (hood) से की जा सकती है। इनके पंख गहरे भूरे और पीठ लालिमा लिए हुए भूरी (rufous) होती है। इनकी सबसे बड़ी पहचान इनकी काली पूंछ है, जिसके बीच में एक चौड़ी और विशिष्ट सफेद पट्टी होती है। इनके पंखों के नीचे भी एक सफेद बैंड दिखाई देता है। किशोर (juvenile) पक्षी गहरे रंग के होते हैं और उनकी पूंछ पर सफेद पट्टी नहीं होती।

प्राकृतिक आवास

आवास

पालस फिश ईगल मुख्य रूप से जल निकायों के पास रहना पसंद करते हैं। ये आमतौर पर बड़ी नदियों, झीलों, खाड़ियों और मैंग्रोव के पास पाए जाते हैं। अन्य बाजों की तुलना में ये थोड़े सुस्त स्वभाव के होते हैं और पानी के किनारे पेड़ों या खंभों पर लंबे समय तक बैठे रहते हैं।

आहार

आहार

जैसा कि नाम से पता चलता है, पालस फिश ईगल का मुख्य भोजन मछली है। ये पानी की सतह से कुशलतापूर्वक मछली पकड़ने में माहिर होते हैं। मछली के अलावा, ये कभी-कभी जलपक्षियों या मरे हुए जानवरों (carrion) को भी अपना आहार बना लेते हैं।

प्रजनन और घोंसला

प्रजनन और प्रवास

यह पक्षी मध्य एशिया, कजाकिस्तान, मंगोलिया से लेकर हिमालय और उत्तर भारत में प्रजनन करता है। ये जल निकायों के पास ऊंचे पेड़ों पर टहनियों से बड़े घोंसले बनाते हैं। यह आंशिक रूप से प्रवासी है; मध्य एशिया के पक्षी सर्दियों में उत्तर भारत और फारस की खाड़ी तक प्रवास करते हैं।

व्यवहार

व्यवहार

यह ईगल काफी शांत और सुस्त व्यवहार वाला माना जाता है, जो घंटों एक ही जगह बैठकर शिकार का इंतजार कर सकता है। हालांकि, प्रवास के दौरान ये लंबी दूरियां तय करते हैं। ये अक्सर अकेले या जोड़ों में देखे जाते हैं। प्रजनन काल के दौरान इनकी आवाज काफी तेज और गूंजने वाली होती है।

संरक्षण स्थिति

संरक्षण की स्थिति

वर्तमान में, पालस फिश ईगल को वैश्विक स्तर पर संकटग्रस्त (Globally Threatened) श्रेणी में रखा गया है। आर्द्रभूमि का विनाश, प्रदूषण और मानवीय हस्तक्षेप के कारण इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है। इनके प्रजनन स्थलों को बचाना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।

रोचक तथ्य

रोचक तथ्य

  1. वयस्क पालस फिश ईगल की पूंछ पर मौजूद सफेद पट्टी इसे उड़ते समय पहचानने का सबसे आसान तरीका है।
  2. यह बाज शिकार के लिए घंटों आसमान में उड़ने के बजाय 'बैठकर इंतजार करने' की रणनीति अपनाता है।
  3. इनके किशोर पक्षी वयस्कों से इतने अलग दिखते हैं कि लोग अक्सर उन्हें दूसरी प्रजाति समझ लेते हैं।
  4. यह मध्य एशिया के ठंडे मैदानों से हजारों किलोमीटर उड़कर भारत के गर्म आर्द्रभूमियों तक पहुंचता है।
  5. इनका वैज्ञानिक नाम Haliaeetus leucoryphus है।

पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स

पक्षी प्रेमियों के लिए टिप्स

  • पूंछ पर ध्यान दें: यदि पक्षी उड़ रहा है, तो उसकी काली पूंछ पर चौड़ी सफेद पट्टी देखें—यह इसकी सही पहचान है।
  • किनारों पर खोजें: इन्हें केवल आसमान में न ढूंढें, बल्कि बड़ी नदियों के किनारे पुराने पेड़ों की शाखाओं पर शांत बैठे हुए खोजें।
  • सर्दियों का समय: उत्तर भारत में इन्हें देखने का सबसे अच्छा समय सर्दियां हैं, जब प्रवासी पक्षी यहां आते हैं।

निष्कर्ष

निष्कर्ष

पालस फिश ईगल एशिया के जलमार्गों की सुंदरता का प्रतीक है। इनकी घटती संख्या हमारे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक चेतावनी है। एक पक्षी प्रेमी के रूप में इस दुर्लभ बाज को देखना एक सुखद अनुभव है, जो हमें अपनी नदियों और झीलों के संरक्षण की याद दिलाता है।

वितरण मानचित्र और क्षेत्र

Official Distribution Data provided by
BirdLife International and Handbook of the Birds of the World (2025)

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Pallass Fish Eagle के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

The assamese name for Pallass Fish Eagle is কুৰুৱা.

The bengali name for Pallass Fish Eagle is কুড়া.

The gujarati name for Pallass Fish Eagle is મત્સ્ય ગરુડ, પલાસનો માછીમાર.

The marathi name for Pallass Fish Eagle is मत्स्यगरुड.

The nepali name for Pallass Fish Eagle is बोक्सी चील.