सिरकीर मल्कोहा (Taccocua leschenaultii) कोयल परिवार का एक अत्यंत सुंदर और शर्मीला पक्षी है। यह मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। अपनी विशिष्ट लंबी पूंछ और दौड़ने की अनूठी शैली के कारण यह पक्षी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
Taccocua leschenaultii
| Scientific Name | Taccocua leschenaultii |
|---|---|
| Status | LC सबसे कम चिंता |
| Size | 42-42 cm (17-17 inch) |
| Colors |
Brown
Brown
|
सिरकीर मल्कोहा (Taccocua leschenaultii) कोयल परिवार का एक अत्यंत सुंदर और शर्मीला पक्षी है। यह मुख्य रूप से भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाता है। अपनी विशिष्ट लंबी पूंछ और दौड़ने की अनूठी शैली के कारण यह पक्षी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है।
सिरकीर मल्कोहा की लंबाई लगभग 42 सेमी होती है। इसका शरीर रेतीले भूरे रंग का होता है, जो इसे सूखे इलाकों में छिपने में मदद करता है। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता इसकी भारी और घुमावदार लाल चोंच है, जिसका सिरा पीला होता है। इसकी लंबी पूंछ के किनारों पर सफेद धब्बे होते हैं जो उड़ते समय स्पष्ट दिखाई देते हैं।
यह पक्षी मुख्य रूप से शुष्क झाड़ियों, कटीले जंगलों और खुले पर्णपाती वनों में पाया जाता है। यह घने वर्षावनों के बजाय पहाड़ी ढलानों और मैदानी इलाकों की सूखी झाड़ियों में रहना अधिक पसंद करता है।
सिरकीर मल्कोहा का मुख्य आहार कीड़े-मकोड़े हैं। यह विशेष रूप से टिड्डे, कैटरपिलर, भृंग और छोटी छिपकलियों का शिकार करता है। कभी-कभी यह जंगली फलों और बीजों का भी सेवन करता है।
इनका प्रजनन काल आमतौर पर मार्च से अगस्त के बीच होता है। अन्य कोयलों के विपरीत, यह अपना घोंसला खुद बनाता है। यह कटीले पेड़ों या घनी झाड़ियों में टहनियों और पत्तों की मदद से एक उथला प्यालेनुमा घोंसला तैयार करता है।
यह एक शर्मीला पक्षी है जो उड़ने के बजाय जमीन पर झाड़ियों के बीच दौड़ना पसंद करता है। इसकी दौड़ने की शैली किसी तीतर या मुर्गे जैसी प्रतीत होती है। यह अक्सर अकेले या जोड़े में देखा जाता है और बहुत कम आवाज करता है।
IUCN की लाल सूची के अनुसार, सिरकीर मल्कोहा को 'कम चिंताजनक' (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है। वर्तमान में इसकी आबादी स्थिर मानी जाती है, हालांकि आवास का विनाश इनके लिए एक चुनौती है।
सिरकीर मल्कोहा को देखने के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त है। इन्हें शुष्क इलाकों की झाड़ियों में जमीन पर भोजन तलाशते हुए देखा जा सकता है। इनकी उपस्थिति का पता अक्सर इनकी लंबी पूंछ की हलचल से चलता है।
सिरकीर मल्कोहा भारतीय जैव विविधता का एक अनूठा हिस्सा है। इसकी शांत जीवनशैली और विशिष्ट शारीरिक बनावट इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक विशेष पक्षी बनाती है। इसके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है।
Official Distribution Data provided by BirdLife International and Handbook of the Birds of the World (2025)